कृषि लॉग: कैसे खेत-डायरी (Khet-Diary) कृषि मुनाफे को बढ़ाती है
खेती सिर्फ एक जीवनशैली नहीं है; यह एक व्यवसाय है। हालांकि, बहुत कम छोटे किसान वित्तीय रिकॉर्ड बनाए रखते हैं। बीज, उर्वरक, पानी, डीजल और श्रम पर होने वाले खर्चों को जाने बिना शुद्ध लाभ की गणना करना असंभव है।
कृषि बहीखाता बनाए रखने से कई तरीकों से मदद मिलती है: 1. **अपव्यय को कम करना**: उर्वरक खरीद को ट्रैक करें ताकि दोबारा छिड़काव से बचा जा सके। 2. **ऋण तक पहुंच**: बैंक फसल ऋण (KCC) के लिए खर्चों के प्रमाण मांगते हैं। 3. **फसल तुलना**: मूल्यांकन करें कि कपास से प्रति एकड़ अधिक लाभ मिल रहा है या सोयाबीन से।
किसानमित्र (KisaanBuddy) के खेत-डायरी (Khet-Diary) उपकरण का उपयोग करके, किसान आसानी से अपने फोन पर लागत दर्ज कर सकते हैं। महाराष्ट्र के अकोला जिले में, किसान नितिन काले ने सभी लागतों को दर्ज किया और पाया कि उन्होंने अपने बजट का 30% केवल खरपतवार हटाने पर खर्च किया, जिससे उन्हें रासायनिक शाकनाशियों का उपयोग करने की प्रेरणा मिली और प्रति एकड़ 8,000 रुपये की बचत हुई।